संख्या पद्धति (Number System)
संख्या
पद्धति वह प्रणाली है जिसके माध्यम से संख्याओं को दर्शाया और गणना की जाती है।
इसे मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा गया है।
1.
नॉन-पोज़िशनल संख्या पद्धति (Non-Positional Number System)-
इस संख्या पद्धति में किसी अंक का मान उसकी स्थिति (Position) पर निर्भर नहीं करता। इसका प्रयोग प्राचीन समय में अशिक्षित या प्रारंभिक
समाजों द्वारा किया जाता था।
उदाहरण: रोमन संख्या पद्धति (I, V, X, L, C, D, M)
2.
पोज़िशनल संख्या पद्धति (Positional Number System)
इस संख्या पद्धति में अंक का मान उसकी Position और Base पर निर्भर करता है। आधुनिक कंप्यूटर और
गणनाओं में इसी संख्या पद्धति का उपयोग किया जाता है। किसी संख्या का मान तीन
बातों पर निर्भर करता है
1. अंक स्वयं (Digit Itself)
2. संख्या पद्धति का आधार (Base of Number System)
3. अंक की स्थिति (Position of Digit)
प्रमुख संख्या पद्धतियाँ (Important Number
Systems)
1. दशमलव संख्या पद्धति (Decimal Number System)
- Base (आधार):
10
- प्रतीक
(Symbols):
0,1,2,3,4,5,6,7,8,9
- उपयोग:
दैनिक जीवन (Daily
Life)
2. बाइनरी संख्या पद्धति (Binary Number System)
- Base: 2
- Symbols: 0 और 1
- उपयोग:
कंप्यूटर सिस्टम (कंप्यूटर केवल बाइनरी भाषा को ही समझता है।)
3. ऑक्टल संख्या पद्धति (Octal Number System)
- Base: 8
- Symbols: 0,1,2,3,4,5,6,7
- उपयोग:
कंप्यूटर (विशेष रूप से आंतरिक गणनाओं में)
4. हेक्साडेसिमल संख्या पद्धति (Hexadecimal Number
System)
- Base: 16
- Symbols: 0–9 और
A, B, C, D, E, F
- मान:
- A = 10
- B = 11
- C = 12
- D = 13
- E = 14
- F = 15
- उपयोग:
कंप्यूटर मेमोरी एड्रेसिंग, कलर कोड आदि
कोडिंग सिस्टम (Coding System)
कंप्यूटर
में अक्षरों,
संख्याओं और प्रतीकों को बाइनरी रूप में बदलने की प्रक्रिया को कोडिंग
कहते हैं।
1. ASCII: American Standard Code for Information Interchange
- ASCII 7-bit: 128 Characters
- ASCII 8-bit (Extended
ASCII): 256 Characters
2.
EBCDIC: Extended Binary Coded Decimal Interchange Code
- 256 Characters
- प्रत्येक
Character
के लिए 8-bit Binary Code
- मुख्यतः
IBM कंप्यूटरों में उपयोग
3.
BCD: Binary Coded Decimal
- प्रत्येक
संख्या को 4-bit
बाइनरी कोड में दर्शाया जाता है
- उदाहरण:
5 → 0101