3D Printing (Additive Manufacturing)
3D प्रिंटिंग एक आधुनिक तकनीक है जिसे Additive Manufacturing (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) कहा जाता है। इसमें किसी वस्तु को परत-दर-परत (Layer
by Layer) तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया डिजिटल डिज़ाइन फाइल (CAD
– Computer Aided Design) के आधार पर की जाती है।
3D प्रिंटिंग की
कार्यप्रणाली
1.
सबसे पहले वस्तु का डिज़ाइन CAD सॉफ्टवेयर से बनाया जाता है।
2.
डिज़ाइन को STL
(Standard Tessellation Language) फाइल में बदला जाता है।
3.
3D प्रिंटर उस डिज़ाइन को पतली-पतली परतों में प्रिंट
करता है।
4.
परतें जुड़कर एक वास्तविक (Physical) वस्तु बन जाती हैं।
3D प्रिंटिंग के
प्रकार (Types of 3D Printing)
1.
FDM – Fused Deposition Modelling
पिघले हुए प्लास्टिक से परतें बनाई जाती हैं।
2.
SLA – Stereolithography Apparatus
तरल रेज़िन और लेज़र का उपयोग होता है।
3.
SLS – Selective Laser Sintering
पाउडर सामग्री को लेज़र से जोड़कर वस्तु बनती है।
3D प्रिंटिंग के
उपयोग (Applications)
·
शिक्षा (Education)
·
Rapid Prototyping (त्वरित नमूना निर्माण)
·
ऑटोमोबाइल (Automobile)
·
एविएशन (Aviation)
·
आर्किटेक्चर (Architecture)
·
मेडिकल (Medical)