Cloud Computing

 

1. क्लाउड कंप्यूटिंग का परिचय (Introduction)

क्लाउड कंप्यूटिंग का अर्थ है इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटर सेवाओं (जैसे सर्वर, स्टोरेज, डेटाबेस, नेटवर्किंग, सॉफ्टवेयर आदि) की मांग पर (On-demand) डिलीवरी।

सरल शब्दों में, आपको अपने कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव में डेटा स्टोर करने या भारी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है; आप इंटरनेट के माध्यम से किसी अन्य कंपनी के शक्तिशाली कंप्यूटरों (सर्वर) का उपयोग कर सकते हैं।

  • इसका भुगतान "Pay-as-you-go" मॉडल पर किया जाता है (जितना उपयोग, उतना भुगतान)।

2. इतिहास (History)

  • 1960 के दशक: जे.सी.आर. लिकलाइडर (J.C.R. Licklider) ने 'इंटरगैलेक्टिक कंप्यूटर नेटवर्क' का विचार दिया, जो क्लाउड की नींव बना।

  • 1999: Salesforce.com ने पहली बार इंटरनेट के माध्यम से एप्लिकेशन डिलीवर करना शुरू किया।

  • 2006: Amazon ने AWS (Amazon Web Services) लॉन्च किया, जिससे आधुनिक क्लाउड कंप्यूटिंग की शुरुआत हुई।

  • 2008-09: Google और Microsoft (Azure) ने इस क्षेत्र में कदम रखा।

3. क्लाउड कंप्यूटिंग के लक्ष्य (Goals)

  1. On-demand Self-service: यूज़र जब चाहे, तब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संसाधन प्राप्त कर सके।

  2. Scalability: ज़रूरत पड़ने पर स्टोरेज या पावर को बढ़ाया या घटाया जा सके।

  3. Cost Reduction: हार्डवेयर और रखरखाव के खर्च को खत्म करना।

  4. Resource Pooling: एक ही संसाधन को कई यूज़र के बीच साझा करना।


4. उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल (Used Protocols)

क्लाउड में डेटा के आदान-प्रदान के लिए निम्नलिखित प्रोटोकॉल मुख्य हैं:

  • HTTP/HTTPS: वेब ब्राउज़र के माध्यम से क्लाउड सेवाओं तक पहुँचने के लिए।

  • MQTT/CoAP: क्लाउड से जुड़े IoT उपकरणों के संचार के लिए।

  • RDP (Remote Desktop Protocol): रिमोट सर्वर को एक्सेस करने के लिए।

  • FTP/SFTP: क्लाउड पर फाइल अपलोड और डाउनलोड करने के लिए।

  • APIs (REST/SOAP): विभिन्न क्लाउड सेवाओं को आपस में जोड़ने के लिए।


5. क्लाउड के लाभ और हानि (Advantages & Disadvantages)

लाभ (Advantages)हानि (Disadvantages)
Cost Saving: खुद का सर्वर खरीदने की जरूरत नहीं।Internet Dependency: बिना इंटरनेट के एक्सेस संभव नहीं।
Accessibility: कहीं भी और कभी भी डेटा एक्सेस करें।Security Risk: डेटा किसी तीसरे पक्ष के पास स्टोर होता है।
Unlimited Storage: स्टोरेज की कोई कमी नहीं रहती।Limited Control: यूज़र के पास इंफ्रास्ट्रक्चर पर कम कंट्रोल होता है।
Automatic Updates: सॉफ्टवेयर खुद अपडेट हो जाते हैं।Bandwidth Issues: धीमे इंटरनेट पर काम करना मुश्किल होता है।

6. क्लाउड कंप्यूटिंग की नैतिकता (Ethics)

  • Data Privacy: यूज़र के निजी डेटा का किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग न करना।

  • Transparency: डेटा कहाँ और कैसे स्टोर किया जा रहा है, इसकी जानकारी यूज़र को देना।

  • Environment (Green Cloud): ऊर्जा की खपत कम करने वाले डेटा सेंटर्स का निर्माण करना।

7. अनुप्रयोग (Applications)

  1. Online Storage: Google Drive, Dropbox और iCloud।

  2. Social Media: Facebook, Instagram (ये आपके फोटो क्लाउड पर ही रखते हैं)।

  3. Entertainment: Netflix और YouTube (वीडियो स्ट्रीमिंग)।

  4. Software as a Service (SaaS): Google Docs, Microsoft Office 365।

  5. Backup & Recovery: डेटा डिलीट होने पर क्लाउड से रिकवर करना।


1. क्लाउड डिप्लॉयमेंट मॉडल (Deployment Models)

यह मॉडल बताते हैं कि क्लाउड नेटवर्क का मालिक कौन है और इसे कौन एक्सेस कर सकता है।

  • Public Cloud (पब्लिक क्लाउड):

    • यह इंटरनेट पर आम जनता के लिए उपलब्ध होता है।

    • इसे थर्ड-पार्टी कंपनियां (जैसे Google, Microsoft) चलाती हैं।

    • उदाहरण: Google Drive, Amazon Web Services (AWS), Microsoft Azure।

  • Private Cloud (प्राइवेट क्लाउड):

    • यह किसी एक विशेष संगठन या कंपनी के लिए होता है।

    • यह अत्यधिक सुरक्षित होता है क्योंकि इसे बाहरी लोग एक्सेस नहीं कर सकते।

    • उदाहरण: बैंकों या बड़ी कंपनियों का अपना निजी डेटा सेंटर।

  • Hybrid Cloud (हाइब्रिड क्लाउड):

    • यह पब्लिक और प्राइवेट क्लाउड का मिश्रण है।

    • इसमें संवेदनशील डेटा प्राइवेट में और सामान्य कार्य पब्लिक क्लाउड पर किए जाते हैं।

  • Community Cloud (कम्युनिटी क्लाउड):

    • इसे समान हितों वाले संगठनों के समूह (जैसे कई विश्वविद्यालय या सरकारी विभाग) द्वारा साझा किया जाता है।


2. क्लाउड सर्विस मॉडल (Service Models)

इसे SPI Model भी कहा जाता है। यह तय करता है कि यूज़र को कितनी सुविधा और नियंत्रण मिलेगा।

मॉडल का नामपूरा नामविवरणउदाहरण
IaaSInfrastructure as a Serviceइसमें आपको कच्चा इंफ्रास्ट्रक्चर (सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग) मिलता है।AWS, DigitalOcean
PaaSPlatform as a Serviceडेवलपर्स को एप्लिकेशन बनाने और टेस्ट करने के लिए एक बना-बनाया प्लेटफॉर्म मिलता है।Google App Engine, Heroku
SaaSSoftware as a Serviceइसमें आपको सीधे तैयार सॉफ्टवेयर मिलता है, जिसे इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होती।Gmail, Google Docs, Office 365